“दो बूंद जिंदगी की”नौनिहालों को 29 नवंबर से घर-घर पिलाई जाएगी

“दो बूंद जिंदगी की”नौनिहालों को 29 नवंबर से घर-घर पिलाई जाएगी

सत्येन्द्र कुमार शर्मा

छपरा जिले में 29 नवंबर से पाँच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के दूसरे चरण का आगाज किया जायेगा। अभियान के तहत सेविका आशा कार्यकर्ता व अन्य वोलेंटियर घर-घर जाकर बच्चों को पोलियों की दवा पिलायेंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा, ऑगनबाड़ी सेविका समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य कर्मियों के कंधे जिम्मेदारी दी गई और सुपरवाइजर, मॉनिटर समेत अन्य कर्मियों की टीम गठित की गयी है। इस दौरान इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि एक भी बच्चे पोलियो की दो बूंद दवा पीने से छूटे नहीं। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि यह अभियान जिले के सभी प्रखंडों में चलाया जाएगा और सभी प्रखंडों में 29 नवंबर से ही अभियान का शुभारंभ होगा। इसको लेकर आवश्यक तैयारियाँ की जा रही है। सभी प्रखंडों से माइक्रोप्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है। माइक्रोप्लान के तहत अभियान चलेगा। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जायेगा की कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से छूटे नहीं। जिलास्तर पर जिला टास्कफोर्स की बैठक भी कर ली गयी है। जिसमें सभी पदाधिकारियों के साथ अभियान की सफलता को लेकर चर्चा की गयी है।

घर-घर जाकर बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक:
पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी में लगे ऑगनबाड़ी सेविका, आशा समेत अन्य कर्मी घर-घर जाकर पाँच वर्षों तक के बच्चों को पोलियो की दो बूँद दवा पिलाऐंगे। साथ ही दवा पिलाने के बाद बच्चों का नाम, बच्चे के माता-पिता का नाम, गृह संख्या आदि विभाग द्वारा दी गई फॉर्मेट में भरेंगे। साथ ही बाहर गये बच्चों का भी पूरी जानकारी लेकर फॉर्मेट में भरेंगे और देर शाम दिन भर के कार्यों की रिपोर्ट स्थानीय पीएचसी में जमा करेंगे।

रेलवे स्टेशन व बस अडडों पर रहेगी विशेष व्यवस्था:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत एक भी बच्चा नही छूटे इसके लिए विभाग द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा रही है। दरअसल, एक भी बच्चा छूटने पर वायरस फैलने का प्रबल संभावना रहता है। इसको लेकर जिले के चौक-चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर दवा पिलाने के लिए कर्मियों की तैनाती किए गए हैं। जो बाहर से आने-जाने वाले यानि सफर कर बच्चे को दवा पिलाऐंगे। ताकि सफर पर निकले बच्चे वंचित नही रहे। साथ ही दवा पिलाने के बाद बच्चों के अंगुली में निशान भी लगाया जाएगा। ताकि किसी भी बच्चे को भूलवश जाने-अनजाने में दोबारा दवाई नही पिलाई जा सकें।

कोविड-19 प्रोटोकॉल का होगा पालन:
यूनिसेफ के जिला समन्वयक आरती त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों को दवाई पिलाने के दौरान कोविड-19 के गाइडलाइन का ख्याल रखा जाएगा। बचाव से संबंधित उपायों का पालन करते हुए कर्मी दवा पिलाऐंगे और खुद के साथ-साथ दूसरों का भी कोविड-19 से सुरक्षा का ख्याल रखेंगे। इसको लेकर विभागीय पदाधिकारियों द्वारा सभी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

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