परिवार नियोजन को लेकर एएनएम स्कूल में 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

परिवार नियोजन को लेकर एएनएम स्कूल में 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

 

नीतू राय

पूर्णिया, 25 जनवरी  :  बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसव उपरांत इंट्रायूटेराइनडिवाइस (पीपीआईयूसीडी) कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2012 -13 में की गयी थी। इसी कार्यक्रम को बेहतर करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार, पटना द्वारा पूर्णिया प्रमंडल के किशनगंज, कटिहार, अररिया व पूर्णिया ज़िले के चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों, स्टाफ़ नर्स व एएनएम को पहले से ज़्यादा तकनीकी, प्रबंधकीय व प्रशासनिक स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण के लिए क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई पूर्णिया प्रमंडल को जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रशिक्षण शिविर में चारों ज़िले से 12 स्टाफ़ नर्सों को शामिल किया गया था, जिसमें दो मास्टर ट्रेनर व एक सहयोगी स्टाफ़ नर्स डिंपल कुमारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
प्रसव कक्ष में पहले से पदस्थापित 48 जीएनएम व एएनएम को प्रशिक्षित करना है –

क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने बताया की पूर्णिया प्रमंडल के लगभग सभी आयुष चिकित्सकों व 62 महिला व पुरुष चिकित्सा पदाधिकारियों को उपरोक्त कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया है। जबकि अररिया, किशनगंज, कटिहार व पूर्णिया ज़िले के लगभग 400 से ज़्यादा स्टाफ़ नर्स व एएनएम को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 20-21 में बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के द्वारा 4 बैच में लगभग 48 वैसे जीएनएम व एएनएम को प्रशिक्षित करना है, जो प्रसव कक्ष में पहले से पदस्थापित हैं। उनको पीपीआईयूसीडी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी पूर्णिया प्रमंडल के कार्यक्रम प्रबंधन इकाई को दी गई है। मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के अंतर्गत कुल 4 बैच के अनुरूप दो बैच का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जबकि तीसरे का समापन आज किया गया हैं। शेष बचे एक बैच का शुभारंभ बहुत ही जल्द शुरू किया जाएगा।

कोरोना काल के दौरान संस्थागत प्रसव में आशा के अनुरूप बढ़ोत्तरी हुई है-
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आरपीएम नजमूल होदा ने कहा कि कोरोना काल के दौरान संस्थागत प्रसव में आशा के अनुरूप बढ़ोत्तरी हुई है | जिस कारण प्रसव या गर्भपात के बाद आईयूसीडी संस्थान पर सरकार द्वारा बल दिया जा रहा है । इसीलिए प्रशिक्षित नर्सो की संख्या में इजाफा करना बहुत ही आवश्यक है । क्योंकि दो बच्चों के बीच कम से कम 3 साल का अंतर होना चाहिए। इस कार्यक्रम के तहत चार बैच में प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें अभी तक तीन बैच का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है । प्रशिक्षण के दौरान दो मास्टर ट्रेनर डॉ सुशीला दास व डॉ पूनम प्रभा के अलावा सहयोगी के लिए सदर अस्पताल की जीएनएम डिंपल कुमारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जबकि चारों ज़िले से आई सभी 12 प्रतिभागियों को अस्पताल के प्रबंधन व प्रशासनिक गतिविधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया गया है ।

पूर्णिया प्रमंडल के सभी जिलों से 12 प्रतिभागियों ने लिया था भाग:
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक के रूप में सदर अस्पताल में पदस्थापित महिला रोग विशेषज्ञ डॉ सुशीला दास व डॉ पूनम प्रभा ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि पीपीआईयूसीडी प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यही है कि जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफ़रल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव के बाद परिवार नियोजन कार्यक्रम को बढ़ावा देना है। पीपीआईयूसीडी मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं , जिसमें पहला 5 साल के लिए तो दूसरा 10 साल के लिए के लिए होता है| सभी तरह के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त लगाई जाती हैं। सामान्य प्रक्रिया के तहत थोड़ी रक्तस्राव हो सकता है लेकिन यह एक सामान्य प्रक्रिया से जुड़ी हुई है| यह बहुत कम महिलाओं में देखा जाता है | इसका प्रयोग करने से लंबे समय तक गर्भधारण की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और ऑपरेशन की भी आवश्यकता नहीं होती है।

वहीं इस प्रशिक्षण में सहयोगी के रूप में प्रतिनियुक्त सदर अस्पताल की प्रशिक्षित सह स्टाफ़ नर्स डिंपल कुमारी ने बताया कि वर्तमान समय में महिला व पुरुष 2 से ज़्यादा बच्चे पैदा करना पसंद नहीं करते हैं लेकिन बच्चों के जन्म में कितने वर्ष का अंतर होना चाहिए इसके बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं होती है। जिस कारण महिलाओं को स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में पूर्णिया, किशनगंज, अररिया व कटिहार से 12 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। जिसमें किशनगंज ज़िला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में पदस्थापित ग्रेड ए की नर्स ऋतु चांद व प्रीति रानी के अलावे पोठिया पीएचसी में कार्यरत बॉबी कुमारी, कटिहार ज़िले के बलरामपुर पीएचसी में कार्यरत एएनएम संजू कुमारी, हसनगंज पीएचसी की एएनएम प्रीतम कुमारी व मनिहारी पीएचसी में कार्यरत नंदिनी कुमारी के अलावे अररिया ज़िले के कुर्साकांटा पीएचसी में कार्यरत एएनएम नीलम कुमारी, पिंकी कुमारी व रेणु कुमारी के साथ ही पूर्णिया सदर अस्पताल में कार्यरत एएनएम सोनी कुमारी व सबिता भारती, अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी में कार्यरत मोनिका भारती शामिल थीं । जो प्रशिक्षित होकर अपने-अपने ज़िले में सभी को जागरूक करने का काम करेंगी।

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