एनडीआरएफ की 23 टीमें बिहार में बाढ़ आपदा से निपटने में मुस्तैद

एनडीआरएफ की 23 टीमें बिहार में बाढ़ आपदा से निपटने में मुस्तैद

विकाश कुमार राय

रविवार 02 अगस्त 2020 : बाढ़ आपदा से निपटने के लिए वाराणसी से एनडीआरएफ की दो टीमें पटना पहुँची। इन दोनों में से एक को समस्तीपुर और दुसरी टीम को वैशाली जिले में तैनात किया गया है। बिहटा (पटना) स्थित 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार राज्य में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माँग पर इस समय एनडीआरएफ की कुल 23 टीमें राज्य के 14 जिलों में तैनात की गई है। 05 टीमें सारण जिला में, 03 टीमें पूर्वी चम्पारण जिला में, 02-02 टीमें दरभंगा, समस्तीपुर और गोपालगंज जिले में एवं 01-01 टीम कटिहार, किसनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, पश्चिम चम्पारण, सिवान, वैशाली तथा मुजफ्फरपुर जिले में अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन एवं संचार उपकरणों के साथ तैनात है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने आगे बताया अब तक बिहार राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने दस हजार से अधिक बाढ़ विभीषिका में फँसे लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों से गर्भवती महिलाओं को मोटर बोट से सुरक्षित रेस्क्यू करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। स्थानीय प्रशासन के समन्वय से बाढ़ आपदा में फँसे लोगों को सहायता पहुँचाने में दिन-रात जुटे हमारे एनडीआरएफ के प्रशिक्षित कार्मिक कठिन परिश्रम और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं।

उन्होंने आगे जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष बाढ़ राहत एवं बचाव ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ के हमारे बचावकर्मी कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कर रहे हैं तथा समुदाय के लोगों को भी कोविड-19 से सुरक्षात्मक उपायों को पालन करने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित कर रहे हैं।

कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ के कार्मिकों को पी०पी०ई०, मास्क, फेस शील्ड, फैब्रिकेटेड फेस हुड कवर, सेनेटाइजर, हैंड वाश, सोडियम हाइपोक्लोराइट आदि दिया गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत एवं बचाव ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ को भी स्थानीय लोगों से भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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