बाल हृदय योजना से लाभान्वित हुए अभिनाश कर्ण

बाल हृदय योजना से लाभान्वित हुए अभिनाश कर्ण

102 एम्बुलेन्स से उन्हें सहरसा से भेजा गया पटना
स्वास्थ्य विभाग की इस सुविधा से परिजन जाने वक्त बेहद खुश
परिजनों ने जिला स्वास्थ्य समिति और जिला सिविल सर्जन को दिया धन्यवाद

सहरसा, 16 जुलाई। बिहार सरकार ने जन्म से दिल में छेद की बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए बाल हृदय योजना की शुरुआत की है। इस खास योजना के तहत अहमदाबाद में इस प्रकार के बच्चों का बिहार सरकार द्वारा निःशुल्क इलाज करवाया जाता है। सिविल सर्जन डा अवधेश कुमार ने कहा इस योजना के आरंभ हो जाने से जिले के वैसे माता पिता जो इस प्रकार की बीमारी का इलाज कराने में अपने आपको सक्षम नहीं पा रहे थे को राज्य सरकार द्वारा काफी सहयोग मिल रहा है। बीते रात उन्हें जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा उपलब्ध करायी गई 102 एम्बुलेंस द्वारा पटना रवाना किया गया जहां से वे हवाई जहाज द्वारा अहमदाबाद जायेंगे। इस मौके पर सिविल सर्जन डा अवधेश कुमार, आरबीएसके के जिला समन्वयक डा संजय कुमार शर्मा, डा कमर सालेह, डीपीएम विनय रंजन, डीसीएम राहुल किशोर, डैम मंतोष कमल, अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार चंचल, डीपीसी प्रणव कुमार, दिलीप कुमार एवं जिला स्वास्थ्य समिति के कर्मी मौजूद थे।

बच्चे के पिता ने जताया हर्ष
अविनाश कर्ण (उम्र 4 वर्ष) के पिता बाबु साहब पासवान ने बताया कि जब हमें पता चला कि मेरे बच्चे के दिल में जन्म से ही छेद है तो मैं परेशान हो गया। लेकिन राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम की टीम द्वारा हमें भरोसा दिलाया गया कि आप घबरायें नहीं, आपके बच्चे जल्द ही ठीक हो जायेंगे और हमें सरकार द्वारा बाल हृदय योजना संबंधी जानकारी दी गई कि इस योजना के द्वारा आपके बच्चे का इलाज मुफ्त में किया जाएगा। एक वह दिन था और एक आज का दिन है जब मेरी चिंता पूरी तरह खत्म हो गयी है तथा अब हमारे बच्चे का आॅपरेशन होने के बाद और बेहतर भविष्य हो जाएगा।

स्क्रीनिंग में मिले लक्षण
कमलपुर बरियाही निवासी बाबु साहेब पासवान ने बताया कि मेरा चार साल का बेटा अभिनाश कर्ण आंगनबाड़ी केन्द्र पर संचालित विद्यालय जाता था जहां पर एक बार आरबीएसके की टीम हेल्थ चेकअप कर रही थी तो उसी समय हमारे बेटे का चेकअप किया गया तो उसके लक्षण में यह बीमारी पहचान में आयी। चेकअप के बाद बीमारी की पकड़ के बाद सदर अस्पताल से आईजीआईएमएस रेफर किया गया वहाँ पर सारी जांच प्रक्रिया एवं कागजी काम के बाद हमें जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा 102 एम्बुलेंस से पटना भेजा जा रहा है, पटना से ही वायु मार्ग के द्वार अहमदाबाद जायेंगे।

सात निश्चय योजना के तहत बाल हृदय योजना से हो रहा है उपचार
सिविल सर्जन डा अवधेश कुमार ने बताया कि जिले में अभी तक इस तरह का इलाज मुख्यमंत्री की आकांक्षी योजना सात निश्चय टू की महात्वाकांक्षी योजना बाल हृदय योजना के तहत किया जाता रहा है। सिविल सर्जन डा अवधेश कुमार ने बच्चे के पिता बाबु साहेब पासवान को भरोसा दिलाया कि उनके बच्चे का आॅपरेशन इसी स्कीम के तहत होगा और उनका एक भी पैसा ख़र्च नहीं होगा। इलाज के बाद भी हमारी स्वास्थ्य विभाग की टीम आपके बच्चे पर नजर बनाये रखेगी तथा आपसे बराबर संपर्क में भी रहेंगे।

आरबीएसके की अहम भूमिका
सिविल सर्जन डा अवधेश कुमार ने कहा अभी तक जितने भी बच्चों को नई जिन्दगी मिली है वह आरबीएसके के नियत तौर पर काम करने का परिणाम है। आरबीएसके के तहत 34 तरह की बीमारियों का इलाज किया जाता है, जो बिलकुल निःशुल्क है।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

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