आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह के बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह के बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन

नीतू राय

 

कटिहार, 19 फरवरी  :   हर माह की भांति इस माह भी जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में अन्नप्राशन दिवस का आयोजन किया गया| जिसमें छह माह पूर्ण कर चुके सभी बच्चों को खीर खिलाकर उनके ऊपरी आहार की शुरुआत की गई। इस दौरान केंद्रों पर उपस्थित सभी परिजनों को बेहतर पोषण की जानकारी दी गई। आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बेबी रानी ने बताया कि महिलाओं और बच्चों को सही पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय पोषण अभियान चलाया गया है। पोषण अभियान के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह 19 तारीख को छह माह पूर्ण कर चुके बच्चों को खीर खिलाते हुए उनके ऊपरी आहार की शुरुआत की जाती है। इस दौरान शिशु के सभी परिजनों को भी पोषण के प्रति जागरूक किया जाता है। उन्होंने बताया कि केंद्रों पर अन्नप्राशन दिवस के आयोजन का क्षेत्र के लोगों में अलग ही नजारा देखने को मिलता है। अपने बच्चों को सही पोषण मिलने से उनसभी में खुशी की लहर देखी जाती है। इसके साथ ही लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता भी देखी जा रही है जो महिलाओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक अच्छी पहल है।

ऊपरी आहार की जरूरत एवं फायदे की दी गई जानकारी :
अन्नप्राशन दिवस पर आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा 6 माह से 2 वर्ष तक के बच्चों की माताओं को बुलाकर बच्चों के लिए 6 माह के बाद ऊपरी आहार की जरूरत के विषय में जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय पोषण अभियान के जिला समन्यवक अनमोल गुप्ता ने बताया कि 6 माह से 9 माह के शिशु को दिन भर में 200 ग्राम सुपाच्य मसला हुआ खाना, 9 से 12 माह में 300 ग्राम मसला हुआ ठोस खाना, 12 से 24 माह में 500 ग्राम तक खाना खिलाया जाना चाहिए। शिशुओं को अतिरिक्त आहार के मिलने से उनके शरीर में तंदुरुस्ती आने के साथ ही उनके मष्तिष्क विकास में भी वृद्धि होती है। सही समय पर सही पोषण से ही देश में कुपोषण की समस्या को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के दैनिक आहार में हरी पत्तीदार सब्जी और पीले नारंगी फल को विशेष रूप से शामिल करने की बात बताई।
महिलाओं को स्तनपान कराने के फायदों की दी गई जानकारी :
अन्नप्राशन दिवस पर केंद्र में उपस्थित सभी महिलाओं को स्तनपान के फायदों की जानकारी दी गई। सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भ के समय की खान-पान और परहेज के बारे में बताया गया। गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म के पूर्व की तैयारी, बच्चे को जन्म के 1 घंटे के भीतर माँ का गाढा पीला दूध की विशेषता आदि की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पहले छह माह तक बच्चों को सिर्फ माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। यह बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायक होता है।

साफ़-सफाई एवं स्वच्छता पर दिया गया जोर :
दिवस के अवसर पर सेविका ने लोगों को साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि बड़ी बड़ी बीमारियां हमारे छोटे-छोटे गलतियों के कारण ही होती है जैसे नाखूनों में गंदगी का लगा होना, हाथ-पैर में गंदगी का होना इत्यादि। इसलिए घर में आने पर अच्छे से हाथ पैर धो लेना स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है। इसके अलावा लोगों को खाने से पहले एवं उसके बाद हाथों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

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