एंटी ट्रैफिकिंग बिल के समर्थन के लिए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन चला रहा है अभियान

एंटी ट्रैफिकिंग बिल के समर्थन के लिए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन चला रहा है अभियान

मोतिहारी।पु.च
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने जबरिया बाल मजदूरी और ट्रैफिकिंग  के तेजी से बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए राजनीतिक दलों और सांसदों से संसद के आगामी मानसून सत्र में एंटी ट्रैफिकिंग बिल को पारित करने की मांग की है । इस को लेकर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के संयोजक  पंकज कुमार और कार्यकर्ताओंं ने पूर्वी चंपारण के सांसद राधा मोहन सिंह के कार्यालय सहयक  राजेश गिरी से मुलाकात की और एंटी ट्रैफिकिंग बिल को लोक सभा में  समर्थन करने की अपील की। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने मोतिहारी छतौनी चौक से रेलवेेेे स्टेशन  बाइक रैली निकालकर लोगों  को   ट्रैफिकिंग बिल के बारे में  समझाया। वही श्री सत्यार्थी के इस मांग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए देशभर के बाल अधिकार कार्यकर्ता, सिविल सोसाइटी सदस्य और मुक्त बाल मजदूर नेता भी जन जागरूकता अभियान चला रहे हैं और अपने अपने स्थानीय सांसदों से मिलकर ट्रैफिकिंग बिल को पास करने की अपील कर रहे हैं। कोरोना महामारी ने भारत में सबसे अधिक बच्चों को प्रभावित किया है और खासकर हाशिए के बच्चों की सुरक्षा के खतरों को बढ़ाया है । कोरोना काल में बाल श्रम और बाल दुर्व्यापार  के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है । कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन के सहयोगी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन ने कोरोना काल में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से 9000 से अधिक बच्चों को ट्रेनों , बसों और कारखानों से बाल दुर्व्यापार से मुक्त कराया है वहीं पूरे देश से 265 ट्रैफिकर्स को भी गिरफ्तार किया गया है।मजबूत एंटी ट्रैफिकिंग बिल पास होने से बाल दुर्व्यापार पर अंकुश लग सकेगा ।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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