जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष पद् रिक्ति के कारण कार्य निष्पादन नहीं

जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष पद् रिक्ति के कारण कार्य निष्पादन नहीं

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया   :  जिला समाहरणालय परिसर में अवस्थित, जिला उपभोक्ता फोरम अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है, विगत 2 वर्षों से इस फोरम के अध्यक्ष पद खाली रहने से, उपभोक्ताओं के कार्य का निष्पादन नहीं के बराबर है, जितने सदस्यों की आवश्यकता इस जिला उपभोक्ता फोरम के कार्य निष्पादन में है, उसमें कर्मियों व पदाधिकारियों की जगह बहुत खाली है, संवाददाता को विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि 26 दिसंबर 2018 को तत्कालीन फोरम के अध्यक्ष, बालकृष्ण वर्मा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब तक यह पद रिक्त पड़ा हुआ है, इसके बाद दो सदस्य ,संजय कुमार का कार्यकाल 7 जनवरी 2020 को समाप्त हो गया ,अब केवल एक मात्र महिला सदस्य ,मंजू कुमारी रह गई है ,तत्कालीन अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से पूर्व में किसी कांड का डिस्पोजल अभी तक नहीं हो सका है ,अब तो मात्र 1 सदस्य ही रह गई है, जब के फोरम में अध्यक्ष के अभाव में लगभग 300 से अधिक कांड लंबित पड़े हुए हैं ,जिनका निपटारा नहीं हो रहा है, इसके कारण उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई गयी कार्यों का निष्पादन नहीं होने से उपभोक्ताओं के अंदर काफी बेचैनी बढ़ी हुई है , राज्य सरकार भी इस उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति करने में असमर्थ दिख रही है। दर्ज किए गए कार्यों से संबंधित उपभोक्ता को दिए गए केस की तारीख में केवल हाजिरी बना कर आवागमन कर लेते हैं, मगर केस का निष्पादन नहीं होने से उपभोक्ताओं के अंदर बड़ी बेचैनी देखी जा रही है,केस दर्ज किए हुए एक उपभोक्ता ने बताया कि लगभग 2 सालों से मैं इस उपभोक्ता फोरम का चक्कर लगा रहा हूं, मगर ढाक के तीन पात वाली समस्या मेरे साथ बन रही है।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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