दुर्घटना में मृत व्यक्ति को मिला अनुदान राशि

दुर्घटना में मृत व्यक्ति को मिला अनुदान राशि

 

मोतिहारी।पु.च
अपर मुख्य सचिव श्रम संसाधन विभाग के द्वारा सभी जिलाधिकारी को सूचित किया गया था कि बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना-2008 को लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है तथा इस योजना का दावा पत्र आरटीपीएस केन्द्रों के माध्यम से तथा ऑनलाईन माध्यम से प्राप्त किये जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उक्त निर्देश के आलोक में हरसिद्धि प्रखंड के आरटीपीएस केन्द्र से आवेदक धनेश राम के द्वारा 15.07.2021 को ऑनलाईन दावा पत्र समर्पित किया गया।प्रखंड विकास पदाधिकारी हरसिद्धि के द्वारा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हरसिद्धि के साथ मामले की जाँच की गई। जाँच में पाया गया कि आवेदक धनेश राम के पुत्र आलोक राम की मृत्यु बिजली के करेन्ट लगने से महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले के खेड में हो गई थी, जो वहाँ प्रवासी श्रमिक के रूप में कार्य करते थे। जांचोपरांत प्रखंड विकास पदाधिकारी, हरसिद्धि के द्वारा आवेदन को अनुशंसा सहित श्रम अधीक्षक को ऑनलाईन अग्रसारित किया गया। जिसके आलोक में श्रम अधीक्षक राकेश रंजन के द्वारा आवेदन एवं दस्तावेजों की अच्छी तरह से जाँच कर जिलाधिकारी को ऑनलाईन स्वीकृति हेतु 20.07. 2021 को अनुशंसित एवं अग्रसारित किया गया तथा जिलाधिकारी द्वारा 22. 07.2021 को उक्त आवेदन को ऑनलाईन स्वीकृत किया गया तथा आवेदक को एक लाख रूपये की अनुदान राशि का आवंटन उपलब्ध कराने हेतु श्रमायुक्त, बिहार को पत्र प्रेषित किया गया। विदित हो कि आरटीपीएस के तहत बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के सम्मिलित किये जाने के बाद ऑनलाईन पहला आवेदन पूर्वी चम्पारण जिला से जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक के द्वारा स्वीकृत किया गया है।

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“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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