कोरोना संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने संबंधी स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गाइडलाइंस जारी

कोरोना संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने संबंधी स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गाइडलाइंस जारी

सत्येन्द्र कुमार शर्मा,

छपरा जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर बहुत एहतियात बरते जाने की जरूरत है. सावधानी से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन कर इसकी रोकथाम की जा सकती है. कोविड 19 संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है. कई जगहों में लोग नियमों की अनदेखी कर रहें हैं जो पूरे समुदाय के लिए खतरा है. इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, ने कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन की है, जिसमें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 15 विशेष वचनों या प्रतिज्ञाओं के पालन करने की अपील की गयी है.

सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय:

कोरोना के बढ़ते प्रसार के मद्देनजर गाइडलाइन में कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है. गाइडलाइन में बिना गले लगे एक दूसरे का अभिवादन करने, शारीरिक दूरी रखने, मास्क लगाने व आंख, नाक और मुंह को गंदे हाथों से नहीं छूने के वचनों के पालन के लिए कहा गया है. इसके अलावा श्वसन संबंधी सफाई व सुरक्षा का पालन करने, नियमित हाथों को धोने, तंबाकू का इस्तेमाल नहीं करने एवं अलग-अलग सतहों को नियमित कीटाणुरहित करने की सलाह दी गयी है. महामारी के दौरान कोरोना संक्रमितों से भेदभाव एवं कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फ़ैलाने की बातें सामने आयी हैं, इसे ध्यान में रखते हुए गाइडलाइन में कोरोना संक्रमितों से भेदभाव नहीं करने एवं कोविड 19 संक्रमण से जुड़े नकारात्मक व बिना पुष्टि की गयी बातों को सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं भेजने की अपील की गयी है. साथ ही कोविड 19 के बारे में विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेने, किसी मदद या जानकारी के लिए टॉल फ्री नंबर 1057 पर फोन करने व तनाव या दबाव आदि को दूर करने के लिए आवश्यक मदद प्राप्त करने जैसी प्रतिज्ञा लेकर उनके पालन करने के लिए कहा गया है.

मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी रखने पर बल:

गाइडलाइन में घर से बाहर भीड़ वाले स्थानों जैसे डेयरी, अस्पताल या दवाई दूकान या ऐसी ही अन्य जगहों पर कम से कम 6 फीट या 2 गज की शारीरिक दूरी रखने के लिए कहा गया है. कार्यस्थलों पर भी इन नियमों के पालन करने के लिए कहा गया है. साथ ही मास्क के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया गया है. मास्क संक्रमण की संभावना या श्वसन संबंधी रोगों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है. मास्क को पहनने के नियमों की भी चर्चा की गयी है.

सावधानी से करें मास्क का इस्तेमाल:

गाइडलाइन में मास्क इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही गयी है. यह बताया गया है कि मास्क को पहनने के लिए नाक व मुंह पूरी तरह ढंके हों. मास्क और चेहरे के बीच गैप नहीं हो यानी मास्क ढ़ीला नहीं होना चाहिए. मास्क की अगले हिस्से को गंदे हाथों से नहीं छूंएं. मास्क को हटाने में इस प्रकार सावधानी रखें कि वह गंदा नहीं हो. साथ ही प्रत्येक 8 घंटे के बाद मास्क को बदल लें. पुन: इस्तेमाल किये जाने वाले कपड़े के मास्क का इस्तेमाल करें. ऐसे मास्क को अच्छी तरह धो दें. यदि सिंगल यूज वाले सर्जिकल मास्क इस्तेमाल करते हैं तो इसे डस्टबिन में डाल दें. इसका दोबारा इस्तेमाल नहीं करें. मास्क हटाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें. मास्क लगाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें या अल्कोहल युक्त सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

इन जगहों पर मास्क जरूर लगाएं:

• जब आप यात्रा कर रहे हों या किसी सार्वजनिक स्थल पर जा रहे हों.
• जब आप किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्ति के साथ बैठे हों.
• यदि सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगायें

इन बातों का रखें खास ध्यान:

• छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें.
• बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाले सतहों जैसे दरवाजे का हैंडल या ऐसी अन्य जगहों की नियमित सफाई जरूरी है.
• खुले में या सार्वजनिक जगहों पर जहां तहां नहीं थूंके. ऐसा करना दंडनीय अपराध भी है.
• बिना किसी उद्देश्य या औचित्य के यात्रा करने से बचें. बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें.

कोविड 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों के साथ भेदभाव न कर सहाभूति से पेश आयें.

अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु एप्प का इस्तेमाल कर सकते हैं.

कोविड 19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से आवश्यक परामर्श लें.

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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