पत्रकारों पर नहीं चलेगी अफसरिया तानाशाही: विनोद पाण्डेय

पत्रकारों पर नहीं चलेगी अफसरिया तानाशाही: विनोद पाण्डेय 

विकाश कुमार राय

रविवार 17 मई : सीतामढ़ी में एक क्वारेंटाइन सेंटर की शर्मनाक और बदतर हकीकत दिखाने पर एक पत्रकार पर सीओ ने प्राथमिकी दर्ज करा दी जिसको लेकर अखंड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पाण्डेय की अगुवाई में फोन कॉल वॉइस मीटिंग किया गया । जिसमें सभी पत्रकार साथी एकजुट होकर आवाज उठाया । निर्णय लिया गया कि सी ओ द्वारा सच्चाई की आवाज दबाने की कोशिश की गई है एक बेगुनाह पत्रकार को आरोपित कर उनके प्रतिष्ठा से खिलवाड़ किया गया है यदि अविलंब पत्रकार पर हुई प्राथमिकी वापस नहीं ली जाती है तो धरना दिया जाएगा । जिसकी जानकारी पत्रकार राजू कुमार सोनी ,डॉ कमल नयन दास, सीतामढ़ी की आवाज सहित कई साथी द्वारा सीओ को फोन कॉल करके प्राथमिकी वापस लेने की बात कही गई । जिसमें सी ओ द्वारा विचारणीय रखा गया आप को बताते चलें कि नीतीश कुमार जिस सुशासन का दावा करते हैं उस सरकार के अफसर इतने तानाशाह और बेशर्म है कि क्वारेंटाइन सेंटर की बदतर हकीकत दिखाने वाले पत्रकार पर सीओ द्वारा प्राथमिकी दर्ज करा दी जाती है यह पूरा मामला रीगा प्रखंड के बुलाकीपुर उच्च विद्यालय के क्वारेंटाइन सेंटर में निम्न स्तरीय व्यवस्था के विरोध में क्वारेंटाइन लोगों ने प्रशासन के विरोध में जमकर हंगामा किया था लोगों का आरोप था कि उन लोगो को समय पर खाना नहीं दिया जाता है साथ ही उन लोगों को बकरी और भेड़ की तरह क्वारेंटाइन सेंटर में ठूंस कर रख दिया गया है इस खबर को प्रिंट मीडिया के एक स्थानीय पत्रकार गुलशन कुमार मिट्ठू ने कवर किया जिसमें क्वारेंटाइन सेंटर में मौजूद श्रमिक मजदूरों द्वारा व्यवस्था के विरोध में हंगामा किया करने की खबर को प्रसारित किया गया उसके बाद रीगा के सीओ राम उरांव ने पत्रकार पर ही प्राथमिकी दर्ज करा दी । सीओ ने प्राथमिकी के लिए दिए आवेदन में कहा कि गुलशन कुमार मिट्ठू ने मजदूरों को उकसाया और उसने गुलाबी कलर की शर्ट पहने है जबकि उस दिन गुलशन कुमार मिट्ठू ने ब्लैक कलर की टी-शर्ट पहने थे जो एक वीडियो में कैद है बिहार में जिस प्रकार से तानाशाही रवैया से सरकार और उसके अफसर काम कर रहे हैं यह एकदम संवेदनहीन मामला है हकीकत और बदतर स्थिति को दिखाने पर पत्रकार पर ही प्राथमिकी दर्ज कर दिया जा रहा है बुलाकीपुर उच्च विद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर में मौजूद श्रमिक मजदूरों ने व्याप्त व्यवस्था के विरोध में हंगामा करते हुए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए थे इस घटना की खबर को पत्रकार द्वारा कवर किया गया और व्याप्त कुव्यवस्था की हकीकत दिखाई गई जो रीगा के सीओ राम उरांव को नागवार गुजरा और अपने पद के हनक में चूर सीओ ने हकीकत दिखाने पर पत्रकार पर प्राथमिकी दर्ज कर दी अपने क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था दुरुस्त करने में अपना समय बिताना चाहिए था उस सीओ ने व्यवस्था को सुधारने के बजाय पत्रकार पर ही केस दर्ज कर लोगों को उकसाने का आरोप लगा दिया। अपवा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष विनोद पाण्डेय ने उक्त घटना क्रम पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि पत्रकारों पर नहीं चलेगी अफसरिया तानाशाही ।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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