महाराष्ट्र केरल इत्यादि राज्यों में फिर से संक्रमण के मामले बढ़ने शुरू मुख्य सचिव

महाराष्ट्र केरल इत्यादि राज्यों में फिर से संक्रमण के मामले बढ़ने शुरू मुख्य सचिव

बिहार ने कोविड टेस्टिंग बढ़ाने का दिया निर्देश

मोतिहारी।पु.च
बिहार के मुख्य सचिव ,बिहार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मोतिहारी सहित बिहार के सभी जिलाधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को कोविड टेस्टिंग एवं सैंपलिंग को बढ़ाने का निर्देश दिया गया। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग बिहार के अपर मुख्य सचिव ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया।मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सजग करते हुए कहा कि कोरोना की पॉजिटिविटी रेट यद्यपि बहुत कम हो गई है, लेकिन हमें लापरवाह नहीं हो जाना है। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। नए वेरिएंट्स के साथ कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना व्यक्त की गई है। अतः जिलों को यह समझना पड़ेगा कि अभी विश्राम का समय नहीं है। महाराष्ट्र केरल इत्यादि राज्यों में फिर से संक्रमण के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। बिहार में अभी रोजाना 200000 से कुछ अधिक टेस्टिंग एवं सैंपलिंग हो रही है, जिसे बरकरार रखने की जरूरत है। जिन जिलों में कोविड संक्रमण के सबसे अधिक मामले आए थे, उन जिलों को तो और अधिक ध्यान टेस्टिंग और सैंपलिंग पर देना होगा।मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया की जागरूकता बढ़ाने के लिए समाचार पत्रों में टेस्टिंग के फायदे को प्रचारित करने के लिए विज्ञापन दिया जाए। जागरूकता बढ़ाकर ही लोगों को टेस्टिंग के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को नियमित समीक्षा करनी होगी और प्रतिदिन बिहार में न्यूनतम 200000 टेस्टिंग किया जाना सुनिश्चित कराना होगा। टेस्टिंग से ही कोरोना को पकड़ा जा सकता है और कांटेक्ट ट्रेसिंग के साथ आसपास के घरों और क्षेत्रों में लक्षित टेस्टिंग द्वारा संक्रमण को और बढ़ने से रोक कर नियंत्रित किया जा सकता है।एक-एक पॉजिटिव मरीज के निवास स्थान के आसपास टेस्टिंग किया जाना जरूरी है। पॉजिटिव मामला पाए जाने पर अविलंब उस क्षेत्र में टेस्टिंग कराया जाए। बाहर से आने वाले लोगों की भी टेस्टिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों और सघन बस्तियों में टेस्टिंग किया जाना जरूरी है।इस अवसर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, सिविल सर्जन, एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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