जागरूकता के अभाव में कल्याणकारी योजना से नहीं जुड़ पा रहे प्रवासी मजदूर- मधु

जागरूकता के अभाव में कल्याणकारी योजना से नहीं जुड़ पा रहे प्रवासी मजदूर- मधु

प्रमोद कुमार

मोतिहारी : जागरूकता के अभाव में कल्याणकारी योजना से नहीं जुड़ पा रहे प्रवासी मजदूरl उक्त जानकारी निर्देश संस्था के कार्यक्रम पदाधिकारी मधु कुमारी ने दीl साथ ही उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से अपने गृह जिला में आएl रोजगार के अभाव में इन प्रवासी मजदूरों को अपने गृह जिला वापस आना पड़ा lइन कामगार प्रवासी मजदूरों को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से जन कल्याणकारी योजना गरीब कल्याण रोजगार योजना लागू की गई है lजिसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने का प्रावधान किया गया है lलेकिन जानकारी के अभाव में मजदूर नहीं जुड़ पा रहे हैं lगरीब रोजगार कल्याणकारी योजना और मनरेगा कार्यक्रम में फर्क है lउन मजदूरों को पता नहीं है जबकि गरीब कल्याणकारी रोजगार योजना में 125 कार्य दिवस है, जबकि मनरेगा में 100 दिन काम की गारंटी दी गई है lयह ह्यूमन लिवर ट्री नेटवर्क के द्वारा पूर्वी चंपारण जिला में किए गए सर्वेक्षण के द्वारा सामने आई हैl साथ ही उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि सिर्फ 33% परिवार के पास जॉब कार्ड है lइनमें से 20% जॉब कार्ड लॉकडाउन के दौरान क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासियों का बनाया गया थाl सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि 55% लोग अनुसूचित जाति के मजदूर हैंl जो जीविकोपार्जन की वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में गरीब कल्याण रोजगार योजना की जमीनी हकीकत के कारण विषम परिस्थिति से गुजर रहे हैंl वही सर्वेक्षण में पाया गया कि महिलाओं की भागीदारी बहुत कम हैl जिसको लेकर जागरूकता की आवश्यकता है

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“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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