केविवि में कंप्यूटर विज्ञान की राष्ट्रीय शोध कार्यशाला का समापन

केविवि में कंप्यूटर विज्ञान की राष्ट्रीय शोध कार्यशाला का समापन

प्रमोद कुमार

मोतिहारी : महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के तत्वावधान में चल रही एक सप्ताह की राष्ट्रीय शोध कार्यशाला का सोमवार को समापन हुआ।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा थे वहीं आमंत्रित विशिष्ट वक्ता थे इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि के कंप्यूटर विज्ञान संकाय के पूर्व निदेशक प्रो. मनोहर लाल। कार्यक्रम के आरम्भ में विभाग के सहायक प्रोफेसर श्री अतुल त्रिपाठी ने अभी अतिथियों प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके बाद सन्कायाध्यक्ष व इस कार्यशाला के मार्गदर्शक प्रो. अरुण कुमार भगत ने कार्यशाला के आयोजन पर विभाग को बधाई देते हुए इस तरह के सार्थक ज्ञानयज्ञों के आयोजन को निरंतर बनाए रखने का विश्वास जताया। उनके बाद विभागाध्यक्ष प्रो. विकास पारीक ने सप्ताह भर चली इस कार्यशाला की संक्षिप्त रिपोर्ट पेश की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो संजीव कुमार शर्मा ने प्रौद्योगिकी के सामाजिक- आर्थिक प्रभावों समेत समेकित अध्ययन व अनुसन्धान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिये समन्वयक डॉ पवन चौरसिया व पूरे विभाग को बधाई दी।
समापन सत्र के विशिष्ट वक्ता प्रो. मनोहर लाल ने बड़ी प्रांजल भाषा में अपनी बात कही। उनका कहना था कि तकनीकी अपने आप में बुरी या अच्छी नहीं है पर मानव हित में उसकी उपादेयता पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है। एक रोचक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 1000 लोगों को मार सकने वाले बम की तकनीकी 10 लोगों की मारक क्षमता वाले बम से उन्नत हो सकती है पर सवाल यह है कि क्या यह मानवता के ज्यादा हित में है। यही कसौटी है। प्रो. मनोहर लाल ने प्रौद्योगिकी के दुष्प्रभावों पर व्यापक अनुसन्धान की आवश्यकता व इस दिशा में आने वाली चुनौतियों पर रोशनी डाली। कार्यक्रम के अन्त में कार्यशाला के समन्वयक डॉ पवन कुमार चौरसिया ने सभी का आभार जताया व भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने का विश्वास दिलाया।यह कार्यशाला 18 जून को प्रारम्भ हुई। इसके उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता थे आईआईटी बीएचयू के प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी। इसके बाद 19 जून को हुए सत्र में मुख्य वक्ता रहे गुरु नानक देव विवि अमृतसर के प्रो. संदीप शर्मा। 20 जून को ब्रह्मपुर विश्वविद्यालय ओडिशा के प्रो. एम आर पात्रा थे मुख्य वक्ता। इसके बाद 21 जून को लखनऊ विवि के प्रो. बृजेन्द्र सिंह का व्याख्यान हुआ। 22 जून के सत्र के मुख्य वक्ता थे मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रो. रामजीवन सिंह ठाकुर। अन्त में समापन सत्र के मुख्य वक्ता रहे प्रो. मनोहर लाल। उद्घाटन व समापन सत्र के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा थे।कार्यशाला में बोलते हुए प्रो. सन्दीप शर्मा ने बिग डेटा एनालिटिक्स व आईओटी के शोध पर अपने विचार रखे । प्रो. एम आर पात्रा ने डेटा साइन्स की बुनियादी बातों को समझाय और इस विषय की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रोफेसर आर एस ठाकुर ने कार्यशाला के अनुरूप, डाटा एनालिटिक्स में अनुसंधान की संभावनाएं और चुनौतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। और कार्यशाला में भाग ले रहे प्रतिभागियों को बिग डाटा में अनुसंधान के अवसर के बारे में बताया।
कार्यशाला के विषय के अनुरुप प्रो. बृजेन्द्र सिंह ने अनुसंधान के आधुनिक तरीकों पर चर्चा की और यह भी बताया कि हम अनुसंधान को किस तरह बेहतर कर सकते हैं।कार्यशाला के समापन सत्र में अतिथियों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. आनन्द प्रकाश, गणित विभागाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार सिंह, गांधी व शान्ति अध्ययन विभाग के डॉ जुगल किशोर, वाणिज्य विभाग के श्री अवनीश कुमार, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के श्री अतुल त्रिपाठी, डॉ विपिन कुमार, डॉ सुनील सिंह व श्री शुभम कुमार समेत काफी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी व प्रतिभागी उपस्थित रहे।कंप्यूटर विज्ञान व प्रौद्योगिकी में शोध की चुनौतियों पर आधारित यह कार्यशाला देश के विभिन्न राज्यों के संस्थानों से 100 से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने में सफल रही। कार्यशाला के अन्त में इस पर आधारित एक क्विज का आयोजन हुआ। इसके आधार पर सभी सफल व निरंतर उपस्थित पंजीकृत प्रतिभागियों को ई प्रमाण पत्र भेजे जाएंगे।

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