पुलवामा घटना की दूसरी वर्षगांठ पर, कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों को किया गया नमन।

पुलवामा घटना की दूसरी वर्षगांठ पर, कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों को किया गया नमन।

शाहबुद्दीन अहमद

बेतिया  :   जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों व एनजीओ में पुलवामा शहीदों के दूसरी वर्षगांठ पर ,विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजन किए गए, जिसमें वक्ताओं ने अपने – राय विचारों को उपस्थित लोगों के सामने रखा, सभों ने पुलवामा में हुए घटना को बहुत दुखदाई बताया साथ में, शहीद हुए मिलिट्री के नौजवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व उनके परिवार के प्रति इस दूसरी वर्षगांठ पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर चर्चा की कि सरकार के द्वारा यह घोषणा की गई थी कि पुलवामा में शहीद हुए देश के जवानों के प्रति उनके नाम पर सड़क बनाकर उनकी याद को हमेशा ताजा किया जाता रहेगा मगर अभी तक वह सड़क नहीं बन सकी है, जो खेद का विषय है।

पुलवामा के आतंकी हमले में , शहीद हुए मसौढ़ी के तारेगना मठ का एक लाल शहीद हुआ था, सीआरपीएफ कांस्टेबल ,संजय कुमार सिन्हा की शहादत की आज दूसरी बरसी है ,शहीद के गांव के लिए इन 2 वर्षों में सरकार ने कहां तक अपने वादे पूरे किए ,इसका उदाहरण यही है कि 2 साल में 100 मीटर सड़क भी नहीं बन पाई, सरकार अपनी वादा नहीं निभा सकी तो क्षेत्र के लोगों ने आपस में चंदा करके सड़क बनवाने का काम किया है, संजय कुमार सिन्हा की याद को ताजा रखा है। सरकार ने केवल 100 मीटर की सड़क बनवाई है, और इसके बदले सिलापट पर, शहीद संजय कुमार सिंह के नाम से लगवा दी है, जो यह याद ताजा करती है कि इस गांव का रहने वाला जवान पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुआ था, पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा और रामकृपाल यादव ने घर तक सड़क बनवाने के लिए 4.70 करोड़ की लागत से 2 किलोमीटर सड़क बनवाने का घोषणा की थी, मगर अफसोस की बात है कि अभी तक वह सड़क नहीं बन सकी है

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