पुलिस द्वारा 1 महीने से बिछुड़े बच्ची को परिवार से मिलाते ही खुशियां वापस

पुलिस द्वारा 1 महीने से बिछुड़े बच्ची को परिवार से मिलाते ही खुशियां वापस

संसु.
मशरक थाना पुलिस ने एक महीने पहले बिछुड़े हुए 7 साल की बच्ची को परिजनों से मिलाकर उसकी खुशियां लौटा दी।
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि बुधवार की सुबह एक 7 साल की बच्ची गुम अवस्था में बंसोही गांव में मिली जिसे गश्ती दल के जमादार अजय कुमार सिंह ने अपने हवाले कर लिया। थाना पुलिस ने भटकी अवस्था में मिली बच्ची की खोजबीन शुरू की गई पर उसकी पहचान नही हो सकी जिससे सारण चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई।तब तक थाना स्तर पर साईबर सेनानी सोशल मीडिया की मदद से उसकी खोजबीन शुरू की गई तों उसकी पहचान मकेर थाना क्षेत्र के बाजार निवासी के रूप में हुई। थानाध्यक्ष मकेर के माध्यम से परिजनों को सूचना दी गई। चाइल्ड लाइन की मदद से बच्ची के परिजनों की पहचान मकेर बाजार निवासी दिलीप सोनार की 7 वर्षीय पुत्री रागनी कुमारी के रूप में हुई। परिजनों के पहुंचने पर चाइल्ड लाइन काउंसलर विकास कुमार मिश्रा,भोलिन्टियर पुष्पा कुमारी की मौजूदगी में ओडी ड्यूटी पर तैनात लक्ष्मण प्रसाद और ओम प्रकाश यादव ने कागजी कार्रवाई करते हुए परिजनों को बच्ची सपुर्द कर दिया।बच्ची की मां का बच्ची को देख खुशी से रो पड़ी और लाड़ दुलार करने लगी। बच्ची को पाकर उनके परिवार वाले बेहद खुश हुएं और पुलिसकर्मियों को दिल से धन्यवाद दिया।थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों को अपने बच्चों को लेकर काफी गंभीर रहना चाहिए‌ और उन पर नजर रखनी चाहिए।खासकर छोटे बच्चों के मामले में बिल्कुल लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।अगर बच्चे के साथ कोई अनहोनी हो जाती,तो थाना पुलिस को सूचना जरूर दें।परिजन अगर थोड़े सतर्क रहें तो बच्चों के गुमशुदा होने के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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