ई-ज्ञान सीरीज के द्वितीय संस्करण आयोजित

ई-ज्ञान सीरीज के द्वितीय संस्करण आयोजित

 

गरीब दर्शन  /  प्रमोद कुमार

मोतिहारी।पु0च0

महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा ई-ज्ञान सीरीज के द्वितीय संस्करण की दूसरी कड़ी आज शुक्रवार 16 अप्रैल को आयोजित हुई। इस आभासी संवाद कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ०आर० के० शास्त्री विभागाध्यक्ष(मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग) मोतीलाल नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, प्रयागराज थे। डॉ. शास्त्री ने बदलते हुए परिप्रेक्ष्य में मानव संसाधन प्रबन्ध के डिजिटल रूपांतरण पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि आजकल कई संगठन अपने मानव संसाधन क्रियाओं को सम्पन्न करने के लिए डिजिटल मानव संसाधन प्रणालियों का प्रयोग कर रहे हैं l इस संबंध में अधिकांश मानव संसाधन विभाग मानव संसाधन व्यवहारों में आवश्यक परिवर्तनों को लागू कर रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं को विभिन्न विकल्पों के साथ डिजिटल क्षेत्र में नवाचार के नित नए संसाधन भी प्राप्त हो रहे है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० पवनेश कुमार, अधिष्ठाता ,पंडित मदन मोहन मालवीय स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट साइंसेज द्वारा की गईl अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफ़ेसर पवनेश कुमार ने कहा कि आज का विषय बहुत ही प्रासंगिक विषय है जो मानव संसाधन प्रबंधन क्षेत्र में बहुआयामी बदलाव को देख रहा है। उन्होंने वाणिज्य विभाग द्वारा पुनः शुरू किये गये इस कार्यक्रम की सराहना भी की। ध्यातव्य है कि इस ई- ज्ञान सीरीज का उद्घाटन विगत 13 अप्रैल को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० संजीव कुमार शर्मा द्वारा किया गया । उक्त कार्यक्रम उन समस्त छात्र-छात्राओं, शोधछात्रों के लिए लाभकारी है जो कोरोना संक्रमण के इस दौर में अध्ययन-अध्यापन को गतिशील बनाये हुए है । इस ई-ज्ञान श्रृंखला के संयोजक प्रो० त्रिलोचन शर्मा , विभागाध्य्क्ष, वाणिज्य विभाग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के हित को देखते हुए शुरू किये गए है जिसका लाभ अवश्य ही छात्रों को मिलेगा। उक्त आभासी संवाद कार्यक्रम की शुरुआत डॉ० शिवेंद्र सिंह द्वारा किया गया एवं संचालन विभाग के ही शोध छात्र नवीन एवं संतोष द्वारा तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन सहायक अध्यापक अवनीश कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम से विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी सैकड़ों की संख्या में आभासी मंच के माध्यम से जुड़े थे।

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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