2011 से 2021 के बीच राज्य की औसत जनंसख्या वृद्धि दर सबसे कम: मंगल पांडेय 

मोतिहारी।पु.च
विश्व भर में भारत ही पहला देश है जिसने जनसंख्या नीति लागू किया। माता एवं बच्चा स्वस्थ एवं पोषित हों तथा प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त संसाधन प्राप्त हो, इसे ध्यान में रखते हुए वर्ष 1952 में देश में परिवार नियोजन कार्यक्रम की शुरुआत हुई जो अभी तक जारी है। उक्त बातें राज्य स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को पटना के एक होटल में विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।श्री पांडेय ने कहा कि 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य है कि लोग परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रति संवेदनशील होकर इसकी जरूत को समझे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 में बिहार की जनसंख्या 2.9 करोड़ थी, जो 2021 में बढ़कर 12.7 करोड़ हो गयी है। इस तरह से 70 सालों में राज्य की जनसंख्या 4 गुना से अधिक बढ़ी है। जबकि 1991 में राज्य की जनसंख्या 10.38 करोड़ थी, जो 2001 के बढ़कर 8.3 करोड़ हो गयी। इस अवधि के दौरान राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक यानी 28.6% रही है। वहीं, 2011 में राज्य की जनसंख्या 10.38 करोड़ थी ,जो अब 2021 में 12.7 करोड़ के आस-पास हुई है। इन 10 सालों में औसत जनसंख्या वृद्धि दर 22.3% ही है,जो इन 70 सालों में सबसे कम वृद्धि दर है।मंगल पांडेय ने कहा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़ों के अनुसार बिहार कुल प्रजनन दर कम करने में सफ़ल हुआ है। क्योंकि बढ़ती जनसंख्या परिवार, समुदाय, राज्य एवं देश के प्रगति में बाधक है।परिवार नियोजन के सूचकांकों में हुयी वृद्धि:
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि विगत 5 सालों में राज्य के परिवार नियोजन के सूचकांकों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2014-15 में बिहार में 24.1% लोग ही परिवार नियोजन के किसी साधन का इस्तेमाल करते थे, जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 55.8% हो गया है। वहीं, अनमेट नीड( ऐसे योग्य दम्पति जो परिवार नियोजन के साधन इस्तेमाल करना चाहते हैं पर उन्हें साधन उपलब्ध नहीं हो पाता है) भी 5 सालों में 21.2% से कम कर 13.6 % हो गयी है। साथ ही अर्ली मैरिज एवं 15-19 वर्ष में माँ बनने वाली किशिरियों की संख्या में भी सुधार हुआ है।  पहले 18 साल तक की किशोरियां पहले बच्चे को जन्म देती थी, जो अब बढ़कर 19 साल हो गयी है। इस दौरान सभी जिले के सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सहित लगभग 500 लोग ज़ूम एवं यूट्यूब के वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। कार्यक्रम में परिवार नियोजन के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सज्जाद, केयर इण्डिया के पद्मा बुगीनैनी, राजेश, संजय एवं  सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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