अभियान चलाकर लगाया गया पशु ईयर टैग

अभियान चलाकर लगाया गया पशु ईयर टैग

प्रमोद कुमार

मोतिहारी  :   प्रखण्ड सुगौली के विभिन्न दलित बस्ती, महादलित बस्ती समेत अन्य जगहों में पशु टीकाकर्मी सह सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश कुमार गुप्ता के द्वारा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशुओं के ईयर टैगिंग से सम्बंधित जागरूकता अभियान चलाया गया एवं पशुओं को ईयर टैग लगाया गया। पशुपालकों को जागरूक करते हुए पशु टीकाकर्मी सह सामाजिक कार्यकर्ता श्री गुप्ता ने कहा कि सभी पशुओं का टिकाकरण के पूर्व ईयर टैग लगाकर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। यह टैगिंग पूर्णतः निःशुल्क हैं, यह पशुओं के लिए आधार कार्ड की तरफ हैं। टैग लगाने से खो गए अथवा चोरी हुए पशुओं का पता करना आसान हो जायेगा, साथ ही पशुओं के बीमा के लिए भी टैगिंग अनिवार्य और लाभदायक है। उन्होंने कहा सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ ईयर टैग लगे हुए पंजीकृत पशुओं को ही प्राथमिकता के आधार पर दिया जायेगा, भविष्य में पशुओं के ऑनलाइन क्रय विक्रय प्रक्रिया में भी ईयर टैग लाभदायक होगा। उन्होंने कहा कि हमारे पशुपालन मंत्री, सचिव पशुपालन, निदेशक पशुपालन से लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी, प्रभारी पशुचिकित्सा पदाधिकारी सुगौली, ये सभी पशुपालन से सम्बंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, सभी पशुपालकों तक पहुचाने के लिये दिन रात एक किये हुए हैं, ताकि सभी पशुपालको तक इसका सीधा लाभ पहुंच सके।वही श्री गुप्ता ने सामाजिक कार्यकर्ता व पारा विधिक स्वयंसेवक के रूप में कार्य करते हुए तेजाब पीड़ित को लाभ दिला चुके है। साथ ही अवधेश कुमार गुप्ता की मदद से पांच सौ से अधिक बृद्ध महिला, पुरूष, विकलांग, मूकबधिर, कुष्ठ रोगियों को पेंशन का लाभ, स्वच्छ भारत अभियान के तहत दो सौ से अधिक महिलाओं व पुरुषों को शौचालय प्रोत्साहन राशि का लाभ व एक सौ पचास से अधिक महिला व पुरुषों को राशन कार्ड का लाभ मिला चुका है। मौके पर पशु टीकाकर्मी रणधीर कुमार, अमजद हुसैन, प्रवीण कुमार, सत्रुधन साह एवं ग्रामीण रमई महतो, धर्मेन्द्र राम, राकेश महतो, तुलसी महतो सहित अन्य उपस्थित थे।

Next Post

शेखपुरा मंडलकारा में की गई छापेमारी,नही मिला कोई आपत्तिजनक समान

Tue Nov 24 , 2020
Share on Facebook Tweet it Pin it शेखपुरा मंडलकारा में की गई छापेमारी,नही मिला कोई आपत्तिजनक समान रंजन कुमार शेखपुरा  […]

मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

Quick Links