छठ पूजा को लेकर मां – बेटे के बीच के संवाद की अभिव्यक्ति है गीत ‘आजा बबुआ’

छठ पूजा को लेकर मां – बेटे के बीच के संवाद की अभिव्यक्ति है गीत ‘आजा बबुआ’

भोजपुरी की चर्चित लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी की आवाज में बनी भोजपुरी छठ गीत ‘आजा बबुआ’ टी-सिरीज हमार भोजपुरी पर रिलीज हो चुका है, जो खासकर उत्तर भारत के लोगों को खूब पसंद भी आ रहा है। इस गाने की खास बात ये है कि यह छठ पूजा के दौरान एक मां और उसके बेटे के बीच के संवाद की सफल अभिव्‍यक्ति है, जिसे थ्री इडियट फेम अभिनेता शरमन जोशी को लेकर फिल्‍म ‘काशी इन सर्च ऑफ गंगा’ बना चुके मशहूर निर्देशक धीरज कुमार ने बनाया है। धीरज जल्‍द ही पुलिकित सम्राट को लेकर फ़िल्म ‘सुस्वागतम् ख़ुशामदीद’ भी बना रहे हैं।

धीरज के इस छठ गीत में लोक आस्‍था के महापर्व को बखूबी दर्शाया गया है। इसका म्‍यूजिक वीडियो बेहद आकर्षक है। वहां इस गाने में मालिनी अवस्‍थी की सुरीली आवाज मंत्रमुग्‍ध करने वाली है। इसको लेकर वे खुद भी बेहद खुश हैं और कहती हैं कि यह गाना इस साल छठ व्रतियों और बिहार के लोगों के लिए बेहद खास होने वाला है। मैंने यह गाना गया है, इसलिए खुद को सौभाग्‍यशाली भी मानती हूं। मैं उत्तर भारत के तमाम लोगों से आग्रह करूंगी कि वे इस गाने को जरूर सुनें। साथ ही ये भी कहना चाहूंगी कि इस बार छठ सरकार की गाइडलांइस को मानते हुए छठ पूजा मनायें।

वहीं, निर्देशक धीरज कुमार ने कहा कि भोजपुरी गाना ‘आजा बबुआ’ को उन लाखों मां के जज्‍बात को समर्पित है, जिनके छठ पूजा के दिन अपने घर को नहीं आ पाते हैं। इस पीड़ा को मैंने खुद भी महसूस किया है। उन्‍होंने कहा कि मैं हर साल छठ में घर जाता हूं। अगर किसी साल मैं घर नहीं जा पाता हूं तो एक अजीब से बेचैनी रहती है। मेरी मां भी परेशान रहती हैं। ये गीत हर मां का दर्द बयान करता है, जिनके बच्चे पर्व त्योहार में घर नहीं आते। गाने में म्यूज़िक अभिषेक अमोल ने दिया है और इसके बोल मनीष किशोर ने लिखें हैं।

गाने के म्‍यूजिक वीडियो में मुख्य भूमिका में पुष्कर तिवारी नजर आये हैं, जो कहते हैं कि वाकई छठ मईया की महिमा अपरंपार है। मुझे यह वीडियो कर लगा कि यह पर्व कितना कठिन और कितना जरूरी है। अपने उगते सूर्य को प्रणाम करते तो देखा और सुना होगा, लेकिन यह एक ऐसा पर्व है, जहां डूबते और उगते सूर्य को अर्घ के जरिये प्रणाम किया जाता है। आप भी जरूर देखें। हमारा यह गाना आपको छठी मईया की भक्ति में सराबोर कर देगा। उपर से मालिनी अवस्‍थी की खूबसूरत आवाज आपके दिल में उतर जायेगी।

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“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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