वर्साय संधि की 101 वी वर्षगांठ पर वीर सैनिकों एवं नायकों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजली ।

वर्साय संधि की 101 वी वर्षगांठ पर वीर सैनिकों एवं नायकों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजली ।

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया , रविवार 28 जून 20
वर्साय की संधि की 101 वी वर्षगांठ पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सचिव- सह- अंतर्राष्ट्रीय पीस एंबेस्डर, डॉ0 एजाज अहमद (अधिवक्ता) ने प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए वीर सैनिकों एवं नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज ही के दिन आज से 101 वर्ष पूर्व 28 जून 1919 जर्मनी द्वारा वर्साय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए !प्रथम विश्व युद्ध में 8 लाख भारतीय सैनिकों ने भाग लिया था! प्रथम विश्व युद्ध में लगभग 47796 भारतीय सैनिक शहीद एवं लगभग 6500 भारतीय सैनिक घायल हुए थे !इस अवसर पर, पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक, शाहीन परवीन ,वरिष्ठ पर्यावरणविद, अमित कुमार लोहिया एवं बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के, डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में भारत के वीर सपूतों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता ! देश की स्वतंत्रता की चाह में उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में हिस्सा लिया था! उनके अतुल्य योगदान से ही मित्र राष्ट्र की सेनाओं ने प्रथम विश्व युद्ध में सफलता प्राप्त की थी! एशिया यूरोप अफ्रीका एवं लेटिन अमेरिका के देशों में भारतीय सेनाओं ने जिस प्रकार से अपने साहस का परिचय देते हुए विजय दिलाई उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता !इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रथम विश्व युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध एवं विभिन्न युद्धों में मारे गए वीर सैनिकों के सम्मान में बेतिया पश्चिम चंपारण में एक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक संग्रहालय की स्थापना की जाए ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जान सके,यही होगी सरकार द्वारा इन महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि!

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वर्साय संधि की 101 वी वर्षगांठ पर वीर सैनिकों एवं नायकों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजली 

Mon Jun 29 , 2020
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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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