लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों एवं मूल्यों के अनुरूप ही किसानों की समस्याओं का स्थाई हल

लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों एवं मूल्यों के अनुरूप ही किसानों की समस्याओं का स्थाई हल

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया  :   महान स्वतंत्रता सेनानी सह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री की 60 वी पुण्यतिथि पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई, सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सभागार सत्याग्रह भवन, में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया !इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की,वर्ष 1966 को लाल बहादुर शास्त्री का भारत-पाकिस्तान के , ताशकंद समझौते के समय रूस के ताशकंद में हृदय गति रुकने से मृत्यु हुई थी !

उनका सारा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा !भारत-पाकिस्तान एवं दक्षिण एशिया में स्थाई हल के लिए लाल बहादुर शास्त्री सदैव ही कृत संकल्प रहे !1960 के दशक में चीन एवं पाकिस्तान के साथ युद्धों एवं देश में अकाल से निपटने के लिए लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था! इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवियों ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के मूल्यों के अनुरूप किसानों की समस्याओं का स्थाई हल आपसी बातचीत से शांतिपूर्ण ढंग से किया जाए ताकि किसानों के जीवन में सुख शांति, समृद्ध आ सके! सरकार एवं किसानों के संगठनों से अपील करते हुए डॉ0 एजाज अहमद अधिवक्ता ने कहा कि आपसी बातचीत से ही किसी भी मामले का स्थाई हल निकाला जा सकता है इसमें पहल होनी चाहिए!

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मुख्य संपादक: विकाश कुमार राय

“अपना परिचय देना, सिर्फ अपना नाम बताने तक सीमित नहीं रहता; ये अपनी बातों को शेयर करके और अक्सर फिजिकल कांटैक्ट के जरिये किसी नए इंसान के साथ जुड़ने का तरीका है। किसी अजनबी इंसान के सामने अपना परिचय देना काफी कठिन हो सकता है, क्योंकि आप उस वक़्त पर जो भी कुछ बोलते हैं, वो उस वक़्त की जरूरत पर निर्भर करता है।”

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